Unique content kaise likhe in hindi

Content लिखने का Best तरीका जो आपके ही अंदर है।

यदि आप ब्लॉगर है तो आपको हमेशा यह चिंता सताती होगी की Content कहा से लाऊं। और high quality content कैसे लिखूं? क्योंकि सभी bloggers के लिए अपने blog page को #1 rank पर लाना बहुत ही difficult है।

Writing unique and qualitative content

इसी रैंकिंग के चक्कर में बार बार हम लिखने से ज्यादा दूसरो के blogs में झाकते रहते है और इरिटेट होते रहते है। और एक दिन ऐसा आता है कि हम सब्र नहीं रख पाते और blogging छोड़ देते है।

ब्लॉगर होने का मतलब ये नहीं है कि हम सिर्फ google search engine को target करे। इसके अलावा भी इसी बहुत सी बाते होती है जो एक good quality content writing में सहायता करती है।

पुराने समय में जब blogging का सिलसिला नहीं था और लोग कितने पढ़ते थे तो भी लोग पढ़ने में बहुत रुचि रखते थे और आज भी रखते है। मगर आज के दौर में पहले की अपेक्षा पढ़ने वाले कम हो गए है। मगर ऐसा नहीं है कि लोगो ने पढ़ना बंद कर दिया।

आज भी लोग किताबे पढ़ना पसंद करते है। जब पुराने समय में लेखक( Writer) अपने अनुभवी शब्दों के आधार पर कोई article लिखते थे तो उसमे एक अजीब सा भाव प्रकट होता था।

आज का समय कुछ खास अलग नहीं है। बस तरीका बदला है। आज के समय में लोग ब्लॉग पढ़ना पसंद करते है। और writer ब्लॉग्स लिखना पसंद करते है।

आजकल ब्लॉग से पैसे कमाना एक फैशन हो गया है। जिसमें office work का कोई झंझट ही नहीं है और ना ही बॉस का लैक्चर।

इसीलिए Blog writing की ओर लोग ज्यादा ध्यान देते है। और writing शुरू कर देते है। मगर इस exitment में कि online earning करना है, लोग जल्दी से जल्दी इंटरनेट से पैसे कमाना (earnig throught internet) चाहते है।

इसी जल्दी जल्दी के चक्कर में लोग पेशेंस नहीं रखते और ज्यादा से ज्यादा लिखने के लिए दूसरो कि कंटेंट कॉपी करने लग जाते है। जिससे गूगल कंटेंट को रैंक नहीं करता है।

Write uniq content

अगर ये सवाल आप खुद से करेंगे कि यूनीक कंटेंट क्या है? तो आपको क्या जवाब मिलेगा।

अगर आप Blog start करना चाहते है या Begginers है तो एक ही जवाब मिलेगा कि SEO based content हो Top searched keyword का इस्तेमाल हो और Keyword releted keyword भी हो।

इसी कीवर्ड और एस सी ओ के चक्कर में और content tips को सीखने के लिए हम Videos देखने लगते है।

उस विडियोज में हमें बस कुछ खास बातों को बहुत खतरनाक तरीका से बताया जाता है। जैसे एक छोटा सा demo जो मैंने अनुभव किया था।

अगर आप ब्लॉगिंग करना चाहते है और seo knowledge नहीं है तो आपका ब्लॉगिंग किसी काम का नहीं।मै आपको 3घंटे में यूनीक आर्टिकल लिखने का तरीका बता दूंगा। यह एक ऐसी ट्रिक है जिससे आपका content first position पर रैंक करेगा। आप अपने कंटेंट में ज्यादा से ज्यादा keyword का इस्तेमाल करे उससे रिलेटेड कीवर्ड का इस्तेमाल करे। बैकलिंक बनाए। आपका content copyright ना हो।

उपर लिखे बात को मैंने नहीं कहा बल्कि वीडियो में देखा था। और इस बात को ऐसे तरीको से कहा जाता है जैसे आप 1घंटे में world best seo expert हो जाएंगे।

मै ये नहीं कहता कि ये बाते गलत है। लेकिन एक uniq article लिखने के लिए ये कुछ छोटा सा भाग है क्योंकि इसमें आपको कंटेंट लिखने का नहीं बल्कि seo करने का तरीका बताया जा रहा है।

मेरे कहने का तात्पर्य यह है कि अपना चैनल या ब्लॉग viral करने के लिए लोग कुछ भी कहीं से भी पढ़कर डाल देते है।

यूनीक कंटेंट क्या है?

हम यह कह सकते है कि ऐसा कंटेंट जो सबसे से अलग हो। जिसे पढ़ने पर उस क्षेत्र के ज्यादातर doughts clear हो जाए। लोगो को अच्छा लगे। और सबसे खास बात इसमें facts यानी कि सच्चाई हो। ये नहीं होना चाहिए कि जो भी मन में आए लिख दे।

एक अच्छे कंटेंट में उन सभी बातो का समावेश होता है जिस Niche पर वह लिखा गया हो। उसके साथ ही आसपास के नीची जानकारी भी उसमे निहित होती है। इन सब के होते हुए भी content topic से अलग नहीं जाता बल्कि उसी टॉपिक की जानकारी देती है।

किसी भी विषय पर best content writing के लिए यह जरूरी नहीं है कि उस पर Ph.d किए रहे। इसके लिए अनुभव का होना बहुत आवश्यक है।

Uniq content लिखने के लिए आपका अनुभव और आपके शब्द ही अचूक हथियार है जो आपके आर्टिकल को एक अलग ही रैंक में रखने का मौका देगा।

Google search engine ऐसे कंटेंट को ही good quality content मानता है क्योंकि आपके द्वारा लिखे गए इस कंटेंट में आपके ही शब्दों का प्रयोग होगा जो किसी के आर्टिकल से मैच नहीं होगा।

मै आगे कुछ steps को साथ लेकर सर्च इंजन के Rules के हिसाब से बता रहा हूं कि अपने द्वारा लिखे आर्टिकल को आप सबसे अलग कैसे बना सकते है।

Steps to write SEO based content

1. Slug

जो नहीं जानते कि अलग क्या है, उसके लिए मै बता दू की जिस Link को हम क्लिक करके किसी Website या पेज पर पहुंचते है वहीं स्लग कहलाता है।

slug writing in quality content
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जैसे कि https:example.com/content-writing

यहां पर एक example नाम के वेबसाइट का URL है जिसे क्लिक करने पर हम उस वेबसाइट के पोस्ट पर पहुंच जाएंगे। इस लिंक में एक बात ध्यान दीजिए कि website adress (www.example.com) के बाद / लगा है उसके बाद दो कीवर्ड लिखा है। उसी को स्लग कहा जाता है।

यह स्लग ही आपके पोस्ट के लिए url का कार्य करता है।

Search engine के according slug बनाते समय कुछ बातो का ध्यान रखे।

इस्तेमाल किया गया कीवर्ड 5 शब्दों से कम होना चाहिए। और इस इस्तेमाल लिए गए कीवर्ड में connector word जैसे – in, is, to, and, आदि का इस्तेमाल बिल्कुल ना करे।

ऐसा करने से सर्च इंजन उस content को ना के बराबर optimised करता है।

Article लिखने के लिए चुना गया टॉपिक से रिलेटेड कौन सी keyword को लेकर लोग ज्यादा सर्च करते है। इस बात को ध्यान में अवश्य रखे। और उसी के आधार पर अपने स्लग में keyword का इस्तेमाल करे जो readable भी हो।

जैसे यदि मै SEO पर एक content लिख रहा हूं तो मेरा slug – seo-kya-hai या seo-kaise-karte-hai के बजाय seo-tips या seo-strategy रखना ज्यादा अच्छा है। क्योंकि जब लोग एस सी ओ के बारे में सर्च करेंगे तो आपका page रैंक करने के ज्यादा chances है।

उसका कारण यह है कि जब भी gogle आपके पेज के slug read करेगा तो ये लगेगा की आपके पेज में seo के बारे में लिखा है।

मगर यदि आपने ऐसा slug लिखा कि seo-kya-hai तो गूगल तो क्या आपको भी यही लगेगा की इसमें ये बताया है कि seo क्या है ये नहीं कि ये कैसे कार्य करता है।

स्लग को लेकर एक और जरूरी और ध्यान देने योग्य बात यह भी है कि यह यूजर को क्लिक करने में महत्वपूर्ण योगदान प्रदान करती है। जब कोई इसे पढ़ता है तो उसे यह समझ आता है कि यह किस बारे में है।

2. Title

यह पोस्ट की सबसे महत्वपूर्ण जानकारी reader को देता है। आपने खुद ये महसूस किया होगा कि जब आप किसी topic को google पर search करते है तो दिए गए result में title पढ़के यह पता लगाते है कि को हमने सर्च किया है उसके बारे में है या नहीं।

यदि अपने सर्च किया है quality of content मगर जो टाइटल आप देखे उसमे लिखा है copyright free content तो आप उसमे क्लिक नहीं करेंगे। क्यूकी जो आप ढूंढ रहे है वो नहीं है।

मगर यह ध्यान देने योग्य बात यह है कि जिसे अपने क्लिक नहीं किया वो भी उसी के बारे में लिखा था जिसे आपने ढूंढने का प्रयास किया।

हो सकता है उसमे कंटेंट को कॉपीराइट से बचाकर लिखने का तकनीक हो। ये भी तो एक quality देने का ही तरीका है। मगर उस टाइटल को देखकर ऐसा लगा जैसे उसमें contents provide कराता हो। और हो सकता है इसी कारण आपने उस पर क्लिक नहीं किया।

अपने post title को लिखते समय इस बात को ध्यान में अवश्य रखे की उसमे आपका उद्देश्य clear समझ में आए।

जब भी आप किसी पोस्ट का टाइटल लिखे उसमे उस कीवर्ड को अवश्य डाले जिसे अपने slug में use किया है और जिसके बारे में आपने content लिखा है।

जैसे – यदि आप एक फैन के क्वालिटी के बारे में आर्टिकल लिख रहे है। आपका स्लग है – usa-fan-quality तो आपका टाइटल कुछ इस तरह होना चाहिए usa fan quality is proofed by isi india since last day.

इस तरह से टाइटल लिखने से जिसमें keyword भी शामिल हो Search engine उस आर्टिकल को गुड क्वालिटी का मानता है। और ऐसे आर्टिकल को सर्च करने में सर्च इंजन को बहुत मदद मिलती है।

Title लिखते समय इस बात का खास ध्यान रखे कि आपका लिखा टाइटल 70 characters से ज्यादा ना हो।

title best practice seo
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जब भी कोई गूगल में कुछ सर्च करता है और रिजल्ट में टाइटल लिखा होता है वह पूरा लिखा होता है ना कि आधा कटा हुआ। ऐसा तभी संभव है जब आपका टाइटल 70 character के अंदर लिखा हो।

इस तरह लिखा गया टाइटल को best practice seo title माना जाता है और google search result में google snippets के माध्यम से आपके content को भी दिखाता है।

यदि टाइटल के लिए गूगल के नियमो को देखे तो गूगल यही कहता है कि descriptive page titles का ही प्रयोग करे।

3. Meta description

यह किसी भी पोस्ट का First paragraph है जिसे google search engine किसी भी टॉपिक के उत्तर या snippets के रूप में देखते या scan करते है।

वैसे तो गूगल किसी टॉपिक को सनिपेट्स करने के लिए automatic discription select करता है। मगर फिर भी google team के experts का यह कहना है कि आप पहले पैराग्राफ को meta description के रूप में इस्तेमाल करे।

meta discription in good content writing
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सर्च इंजन आपके पोस्ट के excerpt को ही description snippets में शो करता है इसीलए गूगल ये भी कहता है कि first paragraph को कम शब्दों में तथा सटीक शब्दों में लिखे।

Search Engine सामान्यतः snippet description 155 to 160 charecter का ही इस्तेमाल करता है। और इसीलिए इसका खास ध्यान रखे।

यह आवश्यक नहीं है कि आप यहां उत्तर ही लिखे। आप अपने पोस्ट में उपलब्ध सटीक जानकारी के बारे में भी लिख सकते है। जिससे यूजर को पता चले कि आर्टिकल में क्या के बारे में लिखा है।

4. Headings

हेडिंग का उपयोग क्वेरी सर्च के कीवर्ड को मैच करने के लिए करता है। जिससे सटीक उत्तर खोजने में मदद मिलती है। यदि आपका हेडिंग एस सी ओ फ्रेंडली है तो आपका हेडिंग रैंकिंग बढ़ाने में बहुत हेल्पफुल रहेगा।

heading content writing
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हेडिंग को सर्च क्वेरी के लिए फ्रेंडली बनाने के लिए discriptive headings का इस्तेमाल करने कि कोशिश करे। कहने का मतलब यह है कि यदि इसे ना केवल रीडर बल्कि इंजन के द्वारा भी पढ़ा जाए तो यह समझ आ जाए कि क्या के बारे में लिखा है।

एक बात का ध्यान अवश्य रखे कि बिना वजह और रीडर के लिए इरिटेटिंग लगे इतना भी हेडिंग का प्रयोग ना करे। गूगल यह कहता है कि ज्यादा जरूरत ना हो वहा इसका प्रयोग करने से बचें। उसकी जगह पर strong text (bold) का इस्तेमाल ज्यादा फ्रेंडली होता है।

क्योंकि यह छोटे छोटे बिंदुओं को एक इरिटेटिंग हेडिंग में ना रखकर उसे बोल्ड टेक्स्ट के द्वारा इंगित के देता है। इससे टॉपिक तो समझ आता ही है साथ ही साइटमैप स्ट्रक्चर का उलंघन नहीं होने देता।

5. List

इसका महत्व हाऊ टू query में ज्यादातर होता है। और इसके लिए लिस्ट बहुत ही usefull होता है। जब हम लिस्ट का प्रयोग सही जगह पर करते है तो यह स्टेप टू स्टेप प्रोसेस में देखा जाता है। इसका snippet में आने का चांस ज्यादा रहता है।

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यदि आप किसी प्रोसेस के बारे में बता रहे हो तो इसका प्रयोग अवश्य करें। ये आपके साइट रैंकिंग को बढ़ा सकता है। मान लीजिए आप वेबसाइट बनाने के स्टेप बता रहे है तो यहां लिस्ट के प्रयोग से आपके उत्तर को वेबसाइट कैसे बनाए के क्वेरी में दिखाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

कई जगहों पर हमें स्टेप्स के साथ उसकी पूरी जानकारी देना पड़ता है जहां लिस्ट ब्लॉक का इस्तेमाल करना पॉसिबल नहीं होता मगर ऐसे जगहों पर आप टेक्स्ट को स्ट्रॉन्ग करके या हेडिंग को ही नंबरिंग कर दे।

6. Tags

यह खोज के परिणामों को मार्ग दिखाने के लिए अत्यंत महत्वूर्ण है। जब खोज कि प्रकिया शुरू होती है तब इंजन द्वारा इसे रीड करके यह पता लगाया जाता है कि यह लेख या कंटेंट किस पर आधारित है।

उचित टैग्स का प्रयोग करके हम अपने आर्टिकल का मार्ग बताने का प्रयास करते है जिससे रीडर को सही आर्टिकल मिल सके। हालाकि यहां रैंकिंग के लिए कंटेंट में उपस्थित कीवर्ड का ज्यादा महत्व है। मगर जब तक हम अपने आर्टिकल का दिशा नहीं बताएंगे तब तक हमारे आर्टिकल पर खोज कैसे होगी।

इसके इस्तेमाल से क्वेरी टाइप कि जानकारी होती है और सही टैग्स वाले आर्टिकल को खंगाला जाता है। जैसे मैंने यह कंटेंट seo writing पर लिखा है तो टैग्स में मैंने यदि SEO डाला है तो यह इस टॉपिक पर अवश्य खोज जाएंगे।

टैग्स का इस्तेमाल करते समय कुछ बातो का ध्यान अवश्य रखे। वैसे तो टैग्स डालने की कोई लिमिटेशन नहीं होती और जितना चाहे टैग्स का इस्तेमाल कर सकते है लेकिन ज्यादा टैग्स आपके रैंकिंग पर तो इफेक्ट करेगा ही साथ ही आपका साइट स्पैम में भी जा सकता है।

एक क्वालिटी कंटेंट के लिए WordPress के अनुसार किसी भी आर्टिकल में टैग्स और कैटेगरी मिलाकर 15 होनी चाहिए। यदि आपने किसी आर्टिकल को 2 कैटेगरी में रखा है तो 13 टैग्स का इस्तेमाल कर सकते है। यदि आपने 5 कैटेगरी में रखा है तो आप 10 टैग्स और लगा सकते है।

टैग्स के लिए आर्टिकल से रेलेटड कीवर्ड का इस्तेमाल करे। ज्यादा सर्च होने वाले कीवर्ड रैंकिंग को बढ़ाने में हेल्पफुल हो सकता है।

टैग्स की संख्या वर्डप्रेस के अनुसार 15 है लेकिन मेरी रिकमेंडेशन यही रहेगा की आप टैग्स में ज्यादा से ज्यादा पांच टैग्स का ही इस्तेमाल करे (कैटेगरी को मिलकर)। टैग्स कीवर्ड का इस्तेमाल करने के लिए ऐसे शब्दों का इस्तेमाल जो सटीक हो और आपके आर्टिकल किस टॉपिक से रिलेटेड है यह बताए।

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